तेन्दूखेड़ा / नीम के पेड़ से निकल रहा दूध अंधविश्वास के चलते पेड़ बना लोगों की आस्था का केंद्र


 तेन्दूखेड़ा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सहजपुर के पाड़ाझिर गांव में एक अनोखा मामला सामने आया है जहां एक नीम के पेड़ से दूध निकलने पर क्षेत्र में हलचल मची हुई है लोग अंधविश्वास के चलते पेड़ की पूजा करने लगे हैं जहां तक कि लोगों ने इस पेड़ को मालबाबा का स्वरूप मान लिया है क्योंकि जहां पर यह पेड़ लगा है उसके नीचे पहले से ही मालबाबा विराजमान हैं इसलिए लोग इस पेड़ की पूजा अर्चना करने लगे हैं हालांकि जानकार नीम के पेड़ से दूध निकलना महज एक इत्तफाक मान रहे हैं
गांव के बृजेश यादव ने बताया  सोमवार को बच्चे लोग यहां पर खेल रहे थे तभी बच्चों ने देखा कि पेड़ से कुछ निकल रहा है जिसकी जानकारी बच्चों द्वारा अपने घरवालों को बताई उसके बाद नीम के पेड़ से दूध निकलने की बात गांव में आग की तरह फैल गई देखते ही देखते नीम के पेड़ से निकल रहा दूध लोगों की आस्था का केंद्र बन गया
अब आलम यह है कि दूर दराज से लोग आकर नीम में भगवान मालबाबा का वास मान रहे हैं और पूजा आराधना कर रहे हैं लोगों का यहां तक मानना है कि जो भी इस पेड़ की सच्चे मन से पूजा करेगा उसकी सभी मन्नतें पूरी होगी
 
15 वर्ष पुराना है नीम का पेड़


यह नीम का पेड़ जिस स्थान पर लगा हुआ है उस स्थान पर पहले से ही मालबाबा का चबूतरा है और चंडी माता की मंढिया बनी हुई है  जहां पर हर साल चंडी मेला लगता है और पूजा अर्चना होती है गांव के ही किशनलाल आदिवासी ठाकुर ने बताया कि मुझे सोमवार पता चला की अपने गांव पाड़ाझिर में एक नीम के पेड़ से दूध निकल रहा है लेकिन मेने सोचा कि हो सकता है किसी पंछी ने पेड़ में छेंद कर दिया हो उससे यह सफेद पदार्थ निकल रहा हो लेकिन मंगलवार को जब मेने जाकर देखा तो पेड़ से निकल रहा दूध की धार तेज हो गई और अन्य स्थानों से भी लोगों का आना जाना लगा हुआ है और यह भी बताया कि यह पेड़ 15 वर्ष पुराना है लेकिन ऐसा उनके गांव में पहली बार हुआ है यह ईश्वर का चमत्कार है


मीठा लग रहा है दूध


ग्रामीणों ने नीम के पेड़ से निकलने वाले दूध को भगौना लगाकर एकत्र करना शुरू कर दिया इस दूध को चख कर देखा गया तो दूध बेहद मीठा लगा रहा है जिससे लोगों मे नीम के लिए आस्था उमड़ने लगी गांव की महिलाओं ने भगवान मालबाबा का चमत्कार मान कर नीम का पूजन शुरू कर दिया है लोग नीम से निकले दूध को अपने घर भगवान का प्रसाद समझ कर ले जा रहे हैं